गहलोत की मीटिंग में पहुंचे 90 MLA, जयपुर कांग्रेस दफ्तर से हटाए गए पायलट के पोस्टर

जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच अब से कुछ देर में जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है. इस बैठक के लिए विधायकों का आना शुरू हो गया है. कांग्रेस पार्टी की ओर से व्हिप जारी किया गया है कि जो भी इस बैठक में नहीं आएगा, उसपर कड़ा एक्शन लिया जाएगा. इस बीच सचिन पायलट गुट का दावा है कि उनके समर्थन में तीस विधायक हैं, जो इस बैठक में शामिल नहीं होंगे.

बड़े अपडेट:

11.05 AM: अब से कुछ देर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है. करीब नब्बे विधायक बैठक में पहुंच गए हैं, जिनमें सचिन पायलट के समर्थक माने जाने वाले चार विधायक भी शामिल हैं. साथ की करीब दस निर्दलीय विधायक भी बैठक में पहुंच गए हैं.

10.47 AM: अब से कुछ देर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू हो रही है. इस बीच सचिन पायलट के करीबी माने जा रहे दानिश अबरार भी अशोक गहलोत की बैठक में पहुंचे हैं.

10.36 AM: अब से कुछ देर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू होगी. विधायकों का पहुंचना शुरू हो गया है, करीब 60 से अधिक विधायक अबतक पहुंच चुके हैं.

g_071320112634.jpg

10.30 AM: निर्दलीय विधायक रमिला खड़िया आज की कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगी. रमिला का ही फोन टेप किया गया था. रमिला का कहना है कि आज उनके पति की पुण्यतिथि है, लेकिन उनका समर्थन अशोक गहलोत के साथ है.

10.00 AM: अब से कुछ देर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू होनी है और विधायकों का आना शुरू हो गया है. इस बीच कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी का कहना है कि भाजपा राज्य में सरकार नहीं गिरा पाएगी, सभी विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हैं. कोई भी नाराज नहीं है.

09.40 AM: अब से कुछ देर में होने वाली बैठक से पहले सचिन पायलट गुट का दावा है कि व्हिप जारी होने पर जरूरी नहीं है कि पार्टी बैठक में शामिल होना है. क्योंकि इस वक्त विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा है, ऐसे में व्हिप के कानूनी मायने नहीं हैं.

09.05 AM: कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल आज जयपुर पहुंचेंगे. वो कांग्रेस पार्टी की बैठक में हिस्सा लेंगे. बता दें कि इससे पहले ही तीन दिल्ली के नेता जयपुर में मौजूद हैं, जो हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

09.00 AM: राजस्थान सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सिंह का कहना है कि अगर सचिन पायलट भाजपा के साथ जा रहे हैं, तो वो पाप कर रहे हैं. हम बीजेपी को सरकार की शपथ नहीं लेने देंगे, हमारी सरकार बहुमत में है और दस बजे हम दिखा देंगे.

08.00 AM: सूत्रों की मानें, तो अगर सचिन पायलट और उनके समर्थक आज सुबह होने वाली बैठक में नहीं आते हैं तो पार्टी उनपर एक्शन ले सकती है. इसमें सभी को पार्टी से निकाला जा सकता है. इसके साथ ही राजस्थान का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा. कांग्रेस पार्टी रघुवीर मीणा को प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है.

पिछले कुछ दिनों से चल रहे इस सियासी ड्रामे ने रविवार को क्लाइमेक्स का रूप ले लिया. जहां अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सियासी तलवारें खिंच गई और दिल्ली में मौजूद केंद्रीय नेतृत्व को एक्शन में आना पड़ा. दिल्ली से तीन नेता जयपुर पहुंचे, जिन्होंने अशोक गहलोत और अन्य विधायकों के साथ बैठक की.

भाजपा में शामिल होंगे सचिन पायलट?

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से खफा चल रहे सचिन पायलट के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के आसार हैं. रविवार को सचिन ने पूर्व कांग्रेसी साथी और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की, दोनों की मीटिंग करीब 40 मिनट तक चली. जिसके बाद अटकलें लगाई जाने लगीं कि सचिन पायलट भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं. और सोमवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं, हालांकि अभी तक इसपर कुछ कन्फर्म बात सामने नहीं आई है.

सचिन पायलट को कितने विधायकों का समर्थन

राजस्थान में कांग्रेस दो धड़ों में बंट चुकी है, ऐसे में हर किसी की ओर से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं. सचिन पायलट के गुट का दावा है कि उनके साथ करीब 30 विधायक हैं, जबकि और भी साथ आ सकते हैं. और जल्द ही ये विधायक अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को सौंप सकते हैं. दूसरी ओर कांग्रेस इस दावे को नकार रही है, लेकिन रविवार रात को अशोक गहलोत के आवास पर हुई बैठक में सिर्फ 75 के करीब ही कांग्रेस विधायक पहुंच पाए, जिसने कांग्रेस को सतर्क कर दिया है.

क्या कहता है राजस्थान का नंबर गेम?

राजस्थान में कांग्रेस और साथी दलों के पास पूर्ण बहुमत है और भाजपा काफी दूर है. अगर कुछ विधायक पाला बदलते हैं तो राजस्थान की सरकार पर कोई बड़ा संकट नहीं आता दिख रहा है. राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जिनमें से कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं इसके अलावा उसे कुछ अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि भाजपा के पास सिर्फ 72 विधायक हैं. अब अगर सचिन पायलट के दावे के मुताबिक, 30 विधायक पाला बदलते हैं, तो अशोक गहलोत सरकार पर संकट आ सकता है.

किस मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई?

दरअसल, अशोक गहलोत और सचिन पायलट में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव से ही आरपार की लड़ाई जारी है. लेकिन मौजूदा वक्त में ये विवाद तब गहराया जब अशोक गहलोत ने बीजेपी पर सरकार गिराने का आरोप लगाया, साथ ही पार्टी के अंदर कुछ गद्दारों को चेताया. इसकी जांच के लिए एक ग्रुप बनाया गया, जिसने सचिन पायलट को पूछताछ के लिए नोटिस भेज दिया. हालांकि, ऐसा नोटिस सीएम को भी गया था. इसी के बाद विवाद बढ़ता गया. साथ ही सचिन पायलट के प्रदेश अध्यक्ष पद का कार्यकाल खत्म हो रहा है और राजस्थान में उपचुनाव, पंचायत चुनाव भी होने हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *