
एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इस निर्माण पर घोर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद दाऊद अहमद हाईकोर्ट भी गए थे, लेकिन कोर्ट द्वारा कोई राहत न मिलने और नोटिस के खिलाफ कार्रवाई न होने पर धवस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। फ़िलहाल मौके पर लखनऊ जिला प्रशासन की टीम व पुलिस मुस्तैद है। संरक्षित स्मारक रेजीडेंसी के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में दाउद अहमद ने यह इमारत खड़ी कर ली थी। भारतीय पुरातत्व विभाग के लगातार विरोध के बावजूद बिल्डिंग का निर्माण नहीं बंद कराया। पूरी बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई। पुरातत्व विभाग के साथ मिलकर एलडीए बिल्डिंग गिरवा रहा। पूरी बिल्डिंग ध्वस्त होगी।
शाहाबाद से बसपा के सांसद और हरदोई की पिहानी विधानसभा सीट से विधायक रहे दाउद अहमद को बसपा से निकाल दिया गया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगा था। बसपा हर बार दाउद अहमद पर दांव खेलती थी। लेकिन पिछले एक दशक से वह कोई भी चुनाव जीत नहीं पाए। उनकी पत्नी ने गोला विधानसभा से विधायकी का चुनाव लड़ा था। वह भी हार गई थी। दाउद अहमद 1999 से 2004 तक शाहाबाद के बसपा सांसद रहे। 2007 से 2012 तक पिहानी हरदोई से वह विधायक रहे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में वह मोहम्मदी से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, पर हार गए थे।