130 लोगों के सामने ‘नंगा’, रूम से लेकर बरामदे तक घसीट-घसीट कर मारा: 97 लोगों से पूछताछ, जे एस सिद्धार्थन की मौत में SFI के गुंडों की रूह कँपाने वाली हर डिटेल

मृतक जे एस सिद्धार्थन (बाएँ) और मुख्य आरोपित सिंजो जॉनसन

केरल के वायनाड के एक मेडिकल कॉलेज में फरवरी माह में एक छात्र जे एस सिद्धार्थन की मौत के विषय में नए खुलासे हुए हैं। छात्र की मौत हॉस्टल में रैगिंग के दौरान प्रताड़ना के बाद हुई थी। यह रैगिंग लेने वालों में वामपंथी छात्र संगठन SFI के गुंडे भी शामिल थे। अब इस विषय में एंटी रैगिंग कमिटी की रिपोर्ट आई है।

कमिटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि सिद्धार्थन 15 फरवरी, 2024 को कॉलेज से घर के लिए निकल गया था। हालाँकि, उसे फोन करके वापस हॉस्टल बुलाया गया। सिद्धार्थन 16 फरवरी की सुबह हॉस्टल लौट आया। इसके बाद प्रताड़ना का दौर चालू हुआ।

रिपोर्ट में बताया गया है कि उसे दूसरे हमलावर छात्रों द्वारा कॉलेज के पास एक पहाड़ी पर ले गया गया, यहाँ उसको बुरी तरीके से मारा पीटा गया। उसको मारने पीटने के लिए तार, बेल्ट और ऐसी ही चीजों का उपयोग किया गया। इसके बाद उसे वापस पकड़ कर हॉस्टल लाया गया।

यहाँ कमरा नम्बर 21 में उसे दुबारा प्रताड़ना दी गई। उसके पेट और पीठ पर मुक्के मारे गए। कई छात्र उसे काफी देर तक पीटते रहे। सिद्धार्थन को इसके बाद सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगने को कहा गया। सिद्धार्थन पर आरोप लगाया गया कि उसने एक लड़की से बदतमीजी की थी।

उसे हॉस्टल में मात्र एक अंडरवियर में लाया गया और सबके सामने माफ़ी मँगवाई गई। इसके बाद उसकी हॉस्टल में परेड निकाली गई। इस परेड के दौरान भी उस पर हमले हुए और प्रताड़ना चलती रही। सबके बीच में सिद्धार्थन को पीटा गया। इसके बाद वापस सिद्धार्थन को हॉस्टल के अंदर लाकर प्रताड़ना दी गई।

सिद्धार्थन को इतना मारा गया कि उसके पेट में दर्द उठा। कुछ छात्रों ने उसकी जाँच के बाद कुछ दवा दी। बताया गया कि सिद्धार्थन को खाना तक नहीं दिया गया था। इसके बाद 18 फरवरी को सिद्धार्थन का शव एक बाथरूम में लटकते हुए पाया गया। इस बात की जानकारी डीन को भी दी गई।

कॉलेज और हॉस्टल प्रशासन ने इस पर कार्रवाई करने के बजाय मामला छुपाने का प्रयास किया। कमिटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि सिद्धार्थन को प्रताड़ना देते हुए 130 छात्रों ने देखा। 97 छात्र और शिक्षक इस विषय में कमिटी के सामने पेश हुए। हालाँकि, कई लोग पूरी जानकारी देने बच रहे हैं।

इस मामले का मुख्य आरोपित शिंजो जॉनसन है जिसने सिद्धार्थन को सबसे ज्यादा प्रताड़ना दी। इस मामले में 18 छात्रों को आरोपित बनाया गया था। यह सभी पुलिस की गिरफ्त में हैं। इनमे से कुछ वामपंथी छात्र संगठन SFI के सदस्य थे। सिद्धार्थन के पिता का कहना है कि उनके बेटे को मारा गया है।

उन्होंने पुलिस पर धीमी कार्रवाई का आरोप भी लगाया था। सिद्धार्थन के माता पिता केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से भी मिले थे। उन्होंने सीबीआई जाँच की माँग की थी। CM विजयन ने कहा है कि मामले में राज्य की पुलिस कार्रवाई कर रही है लेकिन राज्य सीबीआई को जाँच सौंपेगा।